अधिकरण कारक अधिकरण का अर्थ – आश्रय। संज्ञा का वह रूप जिससे क्रिया के आधार का बोध हो उसे अधिकरण कारक कहते हैं। अधिकरण कारक के विभक्ति चिन्ह = में, पर अधिकरण कारक के...
समास के नियमों से निर्मित शब्द सामासिक शब्द कहलाता है। इसे समस्तपद भी कहते हैं। समास होने के बाद विभक्तियों के चिह्न (परसर्ग) लुप्त हो जाते हैं। जैसे-राजपुत्र। समास-विग्रह सामासिक शब्दों के बीच के...
द्वितीया तत्पुरुष समासअर्थ - द्वितीया तत्पुरुष समास तत्पुरुष समास का एक भेद है। जिसके एक पद (शब्द)में द्वितीया विभक्ति होती है। इसीलिए इसे द्वितीया तत्पुरुष समास कहा जाता है । नियम 1 जब किसी समस्त पद...