सन्धि दो वर्णों के परस्पर जुडने को सन्धि कहते हैं सन्धि के प्रकार सन्धि तीन प्रकार की होती है १. स्वर सन्धि २. व्यञ्जन सन्धि ३. विसर्ग सन्धि स्वर सन्धि -- जिस...
(कर्म को प्रधान रूप से कहने के लिए कर्मवाच्य का प्रयोग होता है। कर्मवाच्य में कर्ता में तृतीया, कर्म में प्रथमा तथा क्रिया कर्म के अनुसार चलती है। सकर्मक धातुओं का ही कर्मवाच्य में प्रयोग होता है तथा धातु...
लट् लकार: (Prasent Tense) पुरुष: एकवचनम् अर्थ द्विवचनम् अर्थ बहुवचनम् अर्थ प्रथमपुरुष: पठति पढ़ता है / पढ़ रहा है पठतः दो पढ़ते हैं / पढ़ रहे हैं पठन्ति...